बिगड़ती जा रही है बैताल रानी घाटी की खूबसरती, रोजाना पर्यटक छोड़ जा रहे कूड़ा-कचरा, सेवाभावी सदस्यों ने स्वच्छता अभियान चलाकर किया जागरूक

बिगड़ती जा रही है बैताल रानी घाटी की खूबसरती

सीजी क्रांति/खैरागढ़. छुईखदान-बकरकट्टा मार्ग में स्थित बैताल रानी घाटी में रविवार को सेवाभावी संगठनों ने स्वच्छता सह पौधारोपण अभियान चलाया. बैताल रानी घाटी की हरी-भरी वादियां और खूबसूरत नज़ारे को देखने इन दिनों बड़ी संख्या में पर्यटक पहुँच रहे हैं. लेकिन पर्यटक घाटी में स्वच्छता का ध्यान नहीं रख रहे हैं. खाली पानी और शराब की बोतल, डिस्पोजल, चिप्स के पैकेट वगैरह को कहीं भी फेंक दे रहे हैं.

बैताल रानी घाटी में फैली गंदगी और प्रदूषण की समस्या से निपटने निर्मल त्रिवेणी महाभियान खैरागढ़, जय जगन्नाथ सेवा समिति और योग समिति, छुईखदान के स्वयं सेवकों ने स्वच्छता सह पौधारोपण अभियान चलाया.

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इस दौरान स्वयं सेवकों ने बैताल रानी घाटी के अलग-अलग स्थानों में फैले खाली पानी और शराब की बोतल, डिस्पोजल, चिप्स के पैकेट और दूसरे कचरों को इकट्ठा किया और मणिकंचन केंद्र छुईखदान में लाकर छोड़ा. इससे पहले स्वयं सेवकों ने बैताल रानी मंदिर के आसपास और घाटी के दोनों तरफ बड़ी संख्या में फलदार, छायादार और औषधीय पौधों का रोपण किया.

सेवाभावी संगठन के सदस्यगण

अभियान से जुड़े भागवत शरण सिंह व संजीव दुबे ने बताया कि बैताल रानी घाटी में पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए इन स्थानों पर साफ-सफाई भी बेहद जरूरी है. साफ-सफाई से वातावरण भी शुद्ध रहेगा, जो कि हर किसी के स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी है. उन्होंने घाटी में साफ-सफाई बनाए रखने के साथ पॉलीथिन का इस्तेमाल नहीं करने पर्यटकों से अपील की है.

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