विधानसभा बजट सत्र : सदन में दिवंगतों को दी गई श्रद्धांजलि

छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के प्रथम दिन आज सदन में दिवंगत विभूतियों
छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के प्रथम दिन आज सदन में दिवंगत विभूतियों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई

सीजी क्रांति/रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र के प्रथम दिन आज सदन में दिवंगत विभूतियों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। सदन में अविभाजित मध्यप्रदेश विधानसभा के पूर्व सदस्य रमेश वर्ल्यानी, अविभाजित मध्यप्रदेश विधानसभा तथा छत्तीसगढ़ विधानसभा के पूर्व सदस्य मदन सिंह डेहरिया और भारत रत्न, स्वर कोकिला सुश्री लता मंगेशकर को श्रद्धांजलि दी गई। सदन की कार्यवाही प्रारंभ होते ही विधानसभा अध्यक्ष डॉ चरणदास महंत ने निधन उल्लेख करते हुए दिवंगतों का जीवन परिचय दिया और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

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सदन में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दिवंगतों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि स्वर्गीय रमेश वर्ल्यानी ने समाजवादी नेता के रूप में अपने सार्वजनिक जीवन की शुरूआत की थी। वे 1977 में अविभाजित मध्यप्रदेश विधानसभा के लिए निर्वाचित हुए। उन्होंने अनेक पदों पर रहते हुए अत्यंत महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का निर्वाह किया। वे पेशे से कर सलाहकार थे, वे आर्थिक मामलों में गहरी रूचि रखते थे। समय-समय पर हम लोग उनसे सामाजिक आर्थिक विषयों पर सलाह लिया करते थे। सिंधी समाज सहित सभी समाजों में वे लोकप्रिय थे। उनकी बौद्धिक बातचीत और सौम्य व्यवहार से उनकी उपस्थिति गरिमामय हुआ करती थी। उनका जाना हम सब के लिए अपूरणीय क्षति है।

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मुख्यमंत्री ने अविभाजित मध्यप्रदेश विधानसभा तथा छत्तीसगढ़ विधानसभा के पूर्व सदस्य मदन सिंह डहरिया को श्रद्धाजंलि देते हुए कहा कि मदन सिंह डहरिया अनुसूचित जाति वर्ग के कद्दावर नेता थे। उनका जन्म जांजगीर जिले के अमरताल में हुआ था। वे लगातार 7 कार्यकाल तक सरपंच रहे । उन्होंने 2 बार विधानसभा पहुंचकर अपने क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। वे दूसरी बार वर्ष 1998 में मध्यप्रदेश विधानसभा के लिए निर्वाचित हुए थे। छत्तीसगढ़ राज्य गठन के साथ उन्हें छत्तीसगढ़ विधानसभा में भी काम करने का अवसर मिला। उनका निधन पूरे बिलासपुर संभाग और प्रदेश के लिए अपूरणीय क्षति है।

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भारत रत्न स्वर्गीय लता मंगेश्कर को भी श्रद्धांजलि देते हुए मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि बाल्यकाल से ही उनकी रूचि संगीत में थी। उन्होंने पार्श्व गायिका के रूप में विभिन्न भाषाओं में 30 हजार से अधिक गीतों का गायन किया। उन्हें भारत रत्न सहित अनेक पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। श्री बघेल ने इन तीनों दिवंगत विभूतियों को श्रद्धांजलि देते हुए उनके परिवारजनों के प्रति संवेदना प्रकट की।

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 नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक, विधायक मोहन मरकाम, बृजमोहन अग्रवाल, अजय चंद्राकर, सौरभ सिंह, पुन्नूलाल मोहले, डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी ने भी दिवंगत विभूतियों को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। सदन में सभी दिवंगतों के सम्मान में 2 मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई।

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