पिपरिया वार्ड नंबर 01 : कांग्रेस-भाजपा में सीधी टक्कर, परिसीमन ने बदला मुद्दा, साधे तो जीत निश्चित!

पिपरिया वार्ड नंबर 01 : कांग्रेस-भाजपा में सीधी टक्कर; परिसीमन ने बदला मुद्दा, साधे तो जीत निश्चित!

सीजी क्रांति/खैरागढ़। नगरीय निकाय चुनाव में पार्षदी के लिए किस्मत आजमा रहे प्रत्याशियों की वार्डों में हलचल तेज हो गयी है। कांग्रेस-भाजपा सहित अन्य प्रत्याशी एक-दूसरे की कमजोरियों को पकडऩे की कोशिश कर रहे हैं, वही खुद को दूसरों से बेहतर बताने के साथ ही वादों-इरादों की झड़ी लगा रहे हैं।

शहर के वार्ड एक और दो पिपरिया का चुनाव से पहले हुए परिसीमन में बुरी तरह प्रभावित हुआ है। परिसीमन के चलते दोनों वार्ड के मुद्दे बदल गए है क्योंकि जिस इलाके में ज्यादा परेशानी थी, वह अब वार्ड नंबर एक में शामिल हो गया है जबकि वार्ड दो में मुद्दो का अभाव है, जिसके कारण यहां प्रत्याशियों के व्यक्तिगत छवि के आधार पर ही चुनाव में वोट पड़ेगा, तभी चुनाव में जीत हासिल हो जाएगी वरना चुनावी डगर बेहद कठिन है। वार्ड नंबर एक में कांग्रेस-भाजपा के बीच सीधा मुकाबला है और दोनों महिला प्रत्याशी पहली दफा चुनावी मैदान में किस्मत आजमा रही है।

महात्मा गांधी वार्ड एक पिपरिया

उत्तर दिशा में शैलेंद्र वर्मा के घर से कब्रिस्तान होते हुए धान खरीदी केंद्र तक परिसीमन में वार्ड नंबर एक बन गया है। पूर्व दिशा से खरीदी केंद्र से जयराम तालाब होकर केंद्रीय विद्यालय तक, तो दक्षिण में केन्द्रीय विद्यालय से फॉरेस्ट डिपो होकर मुक्तिधाम के बाद पश्चिम में रूपदास पटेल के घर से वापस शैलेंद्र वर्मा के घर तक चौहद्दी है।

1 हजार 643 की आबादी वाले वार्ड में 1 हजार 102 मतदाता है। जिसमें 560 महिला और 542 पुरुष मतदाता शामिल है। यहां पार्षद पद के लिए दोनों प्रत्याशियों के बीच कांटे की टक्कर है। कांग्रेस ने भाजपा के पूर्व पार्षद राधे पटेल की बहू टिकेश्वरी देवा पटेल को मैदान में उतारा है। जबकि भाजपा ने अपने पुराने कार्यकर्ता चेतन निषाद की पत्नि इंदिया बाई को टिकट दिया है। बीते दो चुनाव में यहां से भाजपा पार्षद चुनकर आए है।

भाजपा-कांग्रेस में 19-20 का माहौल?

वार्ड नंबर एक में भाजपा पिछले दो चुनावों में अजेय है। यहां दोनों चुनाव में भाजपा प्रत्याशी ने जीत दर्ज की है। लेकिन वार्ड का समीकरण इस बार बदलता नजर आ रहा है। क्योंकि भाजपा प्रत्याशी इंदिया चेतन निषाद को कांग्रेस प्रत्याशी टिकेश्वरी देवा पटेल से कड़ी चुनौती मिल रही है। टिकेश्वरी को पूर्व पार्षद की बहू होने का फायदा पहुंच रहा है।


कांग्रेस प्रत्याशी टिकेश्वरी देवा पटेल का दावा इसलिए मजबूत लग रहा है। क्योंकि उनके ससुर राधे वर्मा भाजपा की टिकट से पार्षद बने थे, उसने भाजपा की छाप में चुनाव लड़ा था। लेकिन अब कांग्रेस ने उनकी बहू को प्रत्याशी बनाया है। ऐसे में भाजपा के दो चुनाव में अजेय रहने की रिकार्ड को तोड़ सकते हैं। हालांकि राजनीति में सब संभव है। चुनाव में बाजी पलटते देर नहीं लगती है। जब तक परिणाम न आ जाए कुछ कहा नहीं जा सकता। क्योंकि भाजपा प्रत्याशी इंदिया निषाद भी कड़ी टक्कर दे रही हैं। वोटिंग से कुछ दिन पहले ही वार्ड की तस्वीर साफ हो जाएगी।

परिसीमन के बाद वार्ड में जुड़े मुद्दे

पट्टा की मांग अधूरी – वार्ड नंबर एक पिपरिया में समस्याओं का अंबार है। यहां कूड़े की सफाई से लेकर नालियों की गंदगी से वार्डवासी परेशान हैं। वार्ड के डबरापारा में कब्जा जमीन में पट्टे की मांग और पट्टा रखने वाले हितग्राही आवास मांग रहे है। उनकी समस्याओं पर तत्कालीन पार्षद ने कोई ध्यान नहीं दिया। शासन कब्जा जमीन पर पट्टा दे रही पट्टा नहीं मिल पाया। जिससे पीएम आवास योजना का भी लाभ नही मिल पा रहा है।

सफाई व्यवस्था भी बदहाल – वार्डवासियों के अनुसार सफाई व्यवस्था लचर है। दिखावे के लिए सडक़ के आसपास सफाई होती है, अंदरूनी हिस्सों में सफाई कर्मी घूसने से कतराते है, खासकर नालियों की सफाई को लेकर ज्यादा लापरवाही बरती जा रही है। जिसके कारण ज्यादातर नालिया गंदगी से बजबजा रही है।

नाली निर्माण भी अधूरी – डबरापारा में अधूरे नाली निर्माण से लोग परेशान है। गंदा पानी सडक़ में बह रहा है, कच्चे घरों में सीपेज की समस्या हो रही है, नाली नहीं होने की वजह से बारिश का पानी सीधे मकानों में घुस जाता है।

Leave a Comment

ताजा खबर