पंचायत मंत्री TS सिंहदेव से मनरेगा कर्मियों की मांग, चार माह का वेतन दिलवा दो सरकार

एसडीएम को ज्ञापन सौंपते कर्मचारी संघ
एसडीएम को ज्ञापन सौंपते कर्मचारी संघ

सीजी क्रांति/खैरागढ़। महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना के तहत कार्यरत कर्मचारियों को चार माह से वेतन नहीं मिला है। कर्मचारियों के गुहार लगाने के बाद भी वेतन भुगतान को लेकर कोई पहल नहीं हो रही है। संघ ने वेतन भुगतान सहित अन्य चार मांगों को लेकर एसडीएम लवकेश ध्रुव को ज्ञापन सौंपा।

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पंचायत मंत्री टीएस सिंहदेव के नाम दिए गए ज्ञापन में संघ ने कहा कि राज्य शासन को समय-समय पर पत्र सौंप कर समस्याओं की निराकरण के लिए मांग करते आ रहे हैं। लेकिन उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इसके चलते मनरेगा कर्मचारी संघ खासा आक्रोशित है।

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संघ ने लंबित वेतन भुगतान जल्द से जल्द करने की मांग की है। उन्होंने बताया कि मनरेगा अधिकारी व कर्मचारी और ग्राम रोजगार सहायकों को 4 माह से अधिक हो जाने के बाद भी वेतन नहीं मिला है। जिससे उन्हें आजीविका चलाने में समस्या आ रही है। इस अवसर पर शिक्षा दीक्षित, लक्ष्मी नारायण सोनी, प्रेमचंद, अजय गेडाम, कामेश्वर साहू, रश्मि गहिने, प्रियंका तिवारी, स्वीटी वालेडकर एवं अन्य लोग उपस्थित थे।

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वेतन निगरानी के लिए बने सिस्टम

संघ की दूसरी मांग है कि समय पर वेतन भुगतान के लिए राज्य स्तर पर निगरानी सिस्टम बनाई जाए। क्योंकि वेतन लंबित होने की समस्या हमेशा बनी रहती है। राज्य स्तर पर निगरानी सिस्टम तैयार कर वेतन भुगतान को लेकर देरी करने वाले जिम्मेदार अधिकारी/कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। इसके अलावा भुगतान के संबंध में वित्तीय वर्ष 2015-16 से अब तक विभिन्न जिलों में ईपीएफ संबंधी कटौती पूर्ण नहीं हुआ है, जिसका समाधान करने की मांग की है।

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सेवा वृद्धि करने की भी मांग

संघ ने सेवाकाल में भी वृद्धि करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि हर साल गोपनीय प्रतिवेदन के आधार पर सेवा वृद्धि 28 फरवरी तक के लिए मनरेगा कर्मी की सेवा वृद्धि की जाती है, लेकिन विभिन्न जिलों में सालभर भी सेवा वृद्धि नहीं की जा रही है या विलंब से सेवा वृद्धि की जा रही है। वही बिना सेवा वृद्धि किये मनरेगा में कार्य कराया जा रहा है, जो कि संविदा भर्ती नियम 2012 के खिलाफ है। संघ ने बताया कि पूरे सिस्टम की मॉनिटरिंग की कोई व्यवस्था नहीं है। जिससे अव्यवस्था का आलम देखने को मिल रहा है। 

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