छत्तीसगढ़ के कलेक्टर्स ने जाना ई-रोल, वल्नरेबिलिटी मैपिंग, EVM, आचरण संहिता, एमसीएमसी, पेड न्यूज और व्यय अनुवीक्षण के बारे में

सीजी क्रांति न्यूज/रायपुर। छत्तीसगढ़ में आगामी विधानसभा आम निवार्चन के दृष्टिगत मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय द्वारा सभी जिलों के जिला निर्वाचन अधिकारियों और उप जिला निर्वाचन अधिकारियों के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी निमोरा में आयोजित प्रशिक्षण के पहले दिन भारत निर्वाचन आयोग के नेशनल लेवल मास्टर ट्रेनर्स ने जिला निर्वाचन अधिकारियों को ई-रोल, वल्नरेबिलिटी मैपिंग, पोस्टल बैलेट, ई.व्ही.एम. एवं व्ही.व्ही.पैट की कार्यप्रणाली के बारे में बताया।

वहीं दूसरे दिन भारत निर्वाचन आयोग के अधिकारियों ने आदर्श आचरण संहिता, सूचना प्रौद्योगिकी एप्लीकेशन्स, मीडिया प्रमाणन और निगरानी समिति (एमसीएमसी), पेड न्यूज, कानून-व्यवस्था, डिस्ट्रिक्ट इलेक्शन मैनेजमेंट प्लान, व्यय अनुवीक्षण और निर्वाचन व्यय लेखा का प्रशिक्षण दिया। प्रशासन अकादमी में जिला स्तरीय स्वीप नोडल अधिकारियों का दो दिवसीय अधिवेशन भी आयोजित किया गया। इसमें भारत निर्वाचन आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में सभी जिलों में संचालित स्वीप गतिविधियों की समीक्षा की गई।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी रीना बाबासाहेब कंगाले ने जिला निर्वाचन अधिकारियों के प्रशिक्षण के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि इस दो दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान भारत निर्वाचन आयोग के वरिष्ठ अधिकारी और नेशनल लेवल मास्टर ट्रेनर्स आम निर्वाचन से संबंधित विभिन्न प्रक्रियाओं, गतिविधियों और प्रावधानों की जानकारी देंगे। उन्होंने पारदर्शी, निष्पक्ष, त्रुटिरहित, विवादरहित और समावेशी निर्वाचन के लिए प्रशिक्षण का महत्व रेखांकित किया। श्रीमती कंगाले ने जिला निर्वाचन अधिकारियों को ट्रेनर्स के अनुभव का लाभ उठाते हुए उनसे अधिक से अधिक चर्चा कर निवार्चन से संबंधित अपनी शंकाओं का समाधान करने को कहा।

भारत निर्वाचन आयोग में स्वीप के संचालक संतोष अजमेरा ने उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि निष्पक्ष और पारदर्शी निर्वाचन के लिए आयोग निर्वाचन की हर गतिविधियों को गंभीरता से संचालित करती है। त्रुटिरहित निर्वाचक नामावली से सुचारू मतदान में मदद मिलती है। उन्होंने मतदाता जागरूकता, निर्वाचक पंजीयन और मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए आयोग द्वारा किए जा रहे विभिन्न नवाचारों और स्वीप गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने छत्तीसगढ़ में नवविवाहित महिलाओं के नाम उनके नए निवास स्थल की मतदाता सूची में जोड़ने के लिए मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय द्वारा चलाए जा रहे नवविवाहिता सम्मान कार्यक्रम की सराहना की।

श्री अजमेरा ने उम्मीद जताई कि जिला निर्वाचन अधिकारियों का यह दो दिनों का प्रशिक्षण उपयोगी होगा और यह उन्हें निर्वाचन के दौरान अपनी जिम्मेदारियों के बेहतर निर्वहन के लिए मार्गदर्शन प्रदान करेगा। श्री अजमेरा ने उद्घाटन सत्र के दौरान विधानसभा निर्वाचन हेतु मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय द्वारा तैयार मास्कोट श्चुनई चिरईश् का अनावरण किया। प्रशासन अकादमी के संचालक टी.सी. महावर ने भी उद्घाटन सत्र को संबोधित किया। भारत निर्वाचन आयोग के सचिव संतोष कुमार, स्वीप के वरिष्ठ सलाहकार आर.के. सिंह और छत्तीसगढ़ के संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी बिपिन माझी भी शुभारंभ सत्र में शामिल हुए।

नेशनल लेवल मास्टर ट्रेनर पुलक भट्टाचार्य ने जिला निर्वाचन अधिकारियों को त्रुटिरहित निर्वाचक नामावली तैयार करने और मतदान केंद्रों के युक्तियुक्तकरण के लिए इसके विभिन्न पहलुओं की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एक मतदान केंद्र स्थल पर चार से ज्यादा पोलिंग बूथ नहीं होना चाहिए। उन्होंने आबादी के अनुरूप मतदाता सूची में शामिल नामों की प्रतिशतता और लिंग अनुपात का ध्यान रखने को कहा।
उन्होंने फॉर्म-5 के साथ प्रकाशित निर्वाचक नामावली को मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को अनिवार्यतः उपलब्ध कराने को कहा। श्री भट्टाचार्य ने आदर्श आचरण संहिता, मीडिया प्रमाणन और निगरानी समिति (एमसीएमसी) तथा पेड न्यूज के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी।

नेशनल लेवल मास्टर ट्रेनर प्रवास जैन ने वल्नरेबिलिटी मैपिंग के विभिन्न पहलुओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि निर्वाचन को समावेशी और सहभागी बनाने तथा मतदाताओं को मतदान के लिए प्रोत्साहित करने वल्नरेबिलिटी मैपिंग जरूरी है। उन्होंने वल्नरेबिलिटी मैपिंग की प्रक्रिया और वल्नरेबिलिटी रोकने के लिए उपलब्ध लीगल फ्रेमवर्क के बारे में बताया। श्री जैन ने वल्नरेबिलिटी रोकने के लिए सेक्टर अधिकारियों की मतदान के पूर्व और मतदान के दिन की भूमिका के बारे में भी जानकारी दी।

श्री जैन ने जिला निर्वाचन अधिकारियों को पोस्टल बैलेट और ईवीएम व वीवीपैट की कार्यप्रणाली के बारे में भी प्रशिक्षण दिया। उन्होंने सर्विस वोटर्स और पोस्टल बैलेट के लिए पात्रता, मतपत्र और मतदान के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं के बारे में बताया। श्री जैन ने ईवीएम व वीवीपैट की कार्यप्रणाली समझाते हुए इसकी हैंडलिंग के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों को रेखांकित किया। उन्होंने ईवीएम के रैंडमाइजेशन, मॉकपोल और खराब मशीनों को बदलने की प्रक्रिया और नियमों की भी जानकारी दी।

भारत निर्वाचन आयोग में सूचना प्रौद्योगिकी के निदेशक अशोक यादव ने निर्वाचन के दौरान उपयोग होने वाले सूचना प्रौद्योगिकी एप्लीकेशन्स और एक्सपेंडिचर के निदेशक पंकज श्रीवास्तव ने व्यय अनुवीक्षण और निर्वाचन व्यय लेखा की जानकारी दी। बिहार के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी एच.आऱ. श्रीनिवास ने जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्वाचन के दौरान कानून-व्यवस्था तथा डिस्ट्रिक्ट इलेक्शन मैनेजमेंट प्लान के बारे में प्रशिक्षण दिया।

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