छत्तीसगढ़ उपचुनाव: कांग्रेस ने लगाया जीत का चौका…जानिए कहां—कहां जीता उपचुनाव का मुकाबला!

फाइल फोटो

सीजी क्रांति/खैरागढ़। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की मतबूती लगातार बढ़ती जा रही है। 15 साल सत्ता से अलग रहने के बाद वर्ष 2018 में कांग्रेस के लिए छत्तीसगढ़ में नई सुबह हुई। 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने 90 में से 68 सीटों पर कब्जा किया था। वहीं वर्तमान में कांग्रेस के पास विधानसभा की 71 सीटें हैं। आईए जानते हैं 2018 के विधानसभा चुनाव में 68 सीट जीतने वाली कांग्रेस 71 सीटों तक कैसे पहुंची।

इसके पीछे कारण है छत्तीसगढ़ में हुए उपचुनाव। प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी तब इनके पास 68 विधायक थे जो अब बढ़कर 71 हो गए हैं। शनिवार को खैरागढ़ उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी यशोदा वर्मा ने भाजपा के कोमल जंघेल को 20 हजार से ज्यादा मतों से हराकर विधानसभा में कांग्रेस को और मजबूत कर दिया। अब विधानसभा में कांग्रेस के विधायकों की संख्या 70 से बढ़कर 71 हो गई।

कांग्रेस की सरकार बनने के बाद लोकसभा चुनाव में प्रचार के दौरान दंतेवाड़ा में भाजपा विधायक भीमा मंडावी की नक्सलियों ने हत्या कर दी थी। इसके बाद खाली हुई दंतेवाड़ा सीट पर 23 सितंबर 2019 को उपचुनाव हुए। यहां कांग्रेस ने देवती कर्मा को और भाजपा ने ओजस्वी मंडावी को प्रत्याशी बनाया था। उपचुनाव में कांग्रेस की देवती कर्मा ने बड़ी जीत दर्ज की और इसके साथ की छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के विधायकों की संख्य 69 हो गई।

दंतेवाड़ा के बाद बस्तर के चित्रकोट में विधानसभा में भी उपचुनाव हुए। यह सीट कांग्रेस के पास ही थी। यहां के विधायक दीपक बैज लोकसभा के लिए चुने गए तो यहां उपचुनाव कराए गए। 21 अक्टूबर 2019 को यहां उपचुनाव हुए। यह सीट पर कांग्रेस के राजमन बेंजाम ने अपने निकटतम बीजेपी के लच्छुराम कश्यप को 17862 मतों से हरा दिया है। कांग्रेस की सीट कांग्रेस के पास वापस हो गई। विधानसभा में फिर से कांग्रेस के 69 विधायक हो गए।

चित्रकोट के बाद कांग्रेस ने तीसरा उपचुनाव 10 नवंबर 2020 को जीता। मरवाही विधानसभा सीट दिग्गज नेता अजीत जोगी के निधन से खाली हुई थी। इस सीट पर 3 नवंबर 2020 को मतदान हुआ और 10 नवंबर को परिणाम आए। इस उपचुनाव में कांग्रेस के केके ध्रुव ने भाजपा प्रत्याशी डा गंभीर सिंह को 38 हजार 132 वोटों से पराजित किया। इसके साथ ही विधानसभा में कांग्रेस के विधायकों की संख्या 70 हो गई।

कांग्रेस सरकार बनने के बाद कांग्रेस ने खैरागढ़ में लगातार अपना चौथा उपचुनाव जीता। खैरागढ़ के राजा देवव्रत सिंह के निधन के बाद खैरागढ़ उपचुनाव के लिए 12 अप्रैल 2022 को वोटिंग हुई। 16 अप्रैल 2022 को यहां परिणाम घोषित किए गए। इस बार कांग्रेस प्रत्याशी यशोदा वर्मा ने भाजपा के कोमल जंघेल को 20 हजार से ज्यादा वोटों से हरा दिया।

इस जीत के साथ ही छत्तीसगढ़ विधानसभा में कांग्रेस के विधायकों की संख्या 71 हो गई। वहीं भाजपा के 14 विधायक रह गए हैं। कांग्रेस ने उपचुनाव में जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ जे की दो सीटें छीन ली हैं। इससे इनके केवल 3 विधायक रह गए हैं। वहीं एक भाजपा की सीट छीनी जिससे इनके विधायक 14 रह गए हैं। उपचुनाव में लगातार चौथी जीत से कांग्रेस काफी उत्साहित है।

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