खैरागढ़ पालिका के बजट सत्र में विपक्षी भाजपा पार्षद दल ने दिखाए तेवर, अध्यक्ष रहे शांत, सीएमओ ने तरेरी आंखें, और क्या-क्या हुआ, जानने के लिए पढ़ें पूरी खबर

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सीजी क्रांति/खैरागढ़।
सोमवार को नगर पालिका खैरागढ़ में बजट सत्र के दौरान विपक्षी भाजपा पार्षद दल के नेता अजय जैन, रूपेंद्र रजक, विनय देवांगन ने सत्तापक्ष कांग्रेस पर जमकर सवाल दागे। इस दौरान पालिका अध्यक्ष शैलेंद्र वर्मा शांति से सबकी बात सुनते रहे। सीएमओ सूरज सिदार ने सभी के सवालों का तथ्यों के साथ जवाब दिया। इस बीच जब भाजपा पार्षद रूपेंद्र रजक और सीएमओ के बीच तीखी बहस भी हुई। दिलचस्प यह रहा कि बजट सत्र में पेश बजट पर सारगार्भित चर्चा ही नहीं हुई। पिछले बजट में किए घोषणाओं पर कितना अमल हुआ, उस पर भाजपा पार्षदों ने सत्तापक्ष को ठीक से घेर नहीं पाए। हालांकि ऐसा पहली बार हुआ कि भाजपा पार्षद दल ने शहर की समस्याओं और भ्रष्टाचार पर पालिका की कार्यप्रणाली को खूब कोसा। सोमवार को नगर पालिका परिषद में 29 लाख 4 हजार रूपए लाभ का बजट पेश किया गया। इस वर्ष 14 करोड़ 41 लाख बजट का प्रावधान रखा गया है, जबकि वर्ष यह बजट करीब 12 करोड़ रूपए का ही था।

भाजपा पार्षद दल के नेता अजय जैन ने आरोप लगाया कि विकास केवल कागजों में हो रहा है। विकास के दावे खोखले है। नगर में जो निर्माण कार्य हो रहे हैं, उसमें गुणवत्ता का ख्याल नहीं रखा जा रहा है। पालिका में स्थायी इंजीनियर ही नही हैं। कार्यों की मानीटरिंग करने वाला कोई नहीं है। ठेकेदारों की मनमर्जी चल रही है। शहर में जिला बनने के बाद सड़क किनारे अवैध कब्जे हो रहे हैं। कल जब यहां पालिका दुकानें बनाएंगी तब यही कब्जाधारी, कब्जे के आधार पर रियायती दरों पर दुकानों की मांग करेंगे। इससे पालिका को राजस्व की हानि सहनी होगी। पालिका में फायर बिग्रेड की जांच ठंठे बस्ते में चली गई है। करीब 33 लाख का फायर बिग्रेड महज 4 माह चलने के बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया। उसकी मरम्मत तीन सालों से नहीं हुआ है। फायर बिग्रेड की खरीदी और भुगतान में अनियमितता बरती गई है।

पार्षद रूपेंद्र रजक ने ईतवारी बाजार में शौचालय निर्माण, पोल गिरने और पीएम आवास की समस्या पर पालिका प्रशासन को घेरा। इस बीच उनकी सीएमओ सूरज सिदार से तीखी बहस हुई। पार्षद के आरोपों को तथ्यहीन बताते हुए सीएमओ भी उत्तेजित हो गए। पार्षद रूपेंद्र रजक को आंखे तरेरकर कहा कि आरोप लगाने से पहले तथ्यों को जान-समझ ले। सीएमओ श्री सिदार ने कहा पालिका प्रशासन अपना काम पूरी ईमानदारी और जिम्मेदारी से कर रहा है। आज के बजट बैठक में रूपेंद्र रजक अपने वार्ड की समस्याओं को लेकर काफी मुखर नजर आए।

पार्षद विनय देवांगन ने सदन में पूछा कि करीब 5 करोड़ की लागत से रानी रश्मि देवी कॉलेज के पीछे आईएचएसडीपी कॉलोनी बनाई गई। वहां अब तक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पाई है। मकानों के आवंटन में गड़बड़ी हुई है। कई अपात्र लोग वहां रहे हैं। कुछ ऐसे भी जो मकानों में अवैध कब्जा कर चुके हैं। श्री देवांगन ने कहा कि वहां भौतिक सत्यापन कर नए सिरे से मकानों को पात्र परिवार को आवंटित किया जाए। कॉलोनी जिस मकसद से बनाई गई है, उस उद्देश्य की पूर्ति की जाए। जरूरतमंदों को मकान का आवंटन किया जाए। इस पर सीएमओ सूरज सिदार जवाब दिया कि 552 मकान बनाए गए हैं। जल्द ही कॉलोनी में सर्वे कर नए सिरे से ब्लाक वार लोगों को मकान आंवटन किया जाएगा। उस वक्त जब दावा-आपत्ति मंगाई जाएगी। आवंटन में भूलवश यदि गड़बड़ी नजर आई तो पार्षद उसी समय अपनी आपत्ति जताए, ताकि अपात्र लोगों को लाभ न मिले।

पार्षद चंद्रशेखर यादव ने शहर के स्ट्रीट लाईट में बल्बों के खराब होने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि आए दिन सड़कों की लाईट बंद हो रही है। अंधेरा होने की वजह से लोगों को समस्याएं आ रही है। इस पर सीएमओ ने जवाब दिया कि विद्युत पोल्स में सिंगल लाईन नही है। बल्ब खराब नहीं हो रहे है। यदि सिंगल लाईन खींच दी जाए तो खंभों में लाईट बंद नहीं होगी। इसके न होने से बल्ब खराब होने की समस्या आ रही है। यह तकनीकी समस्या है। इसके सुधार के लिए बिजली विभाग से अनऑफिशियल मांग किए जाने की आवश्यकता है। पालिका की ओर से यदि यह मांग की जाएगी तो पालिका को लंबे रकम की डिमांड भेज दी जाएगी। उतनी राशि पालिका के पास नहीं है। श्री यादव ने कलेक्टोरेट के सामने पालिका भवन में चल रहे आबकारी कार्यालय के जर्जर स्थिति को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि भवन की स्थिति खराब है। उन्हें बताया कि गया बिल्ंिडग आबकारी विभाग के अधीन है, उसके रख-रखाव की जिम्मेदारी उनकी है।

मिनी माता मूर्ति विवाद पर जांच कमेटी गठित, 6 माह बाद भी पार्षदों को ही नहीं पता कि वे भी कमेटी के सदस्य है

अमलीपारा में मिनी माता की मूर्ति स्थापना का प्रस्ताव पालिका के सामान्य सभा में रखा गया था। तब मोहल्ले व एक विशेष वर्ग ने वहां छत्रपति शिवाजी की प्रतिमा की स्थापना की मांग पर अड़ गए। मामला विवादित होने पर जांच कमेटी गठित की गई। हैरानी की बात यह है कि उस कमेटी ने आज तक जांच के बिंदु तक तय नहीं कर पाया। यही नहीं कमेटी में जिन पार्षदों को सदस्य बनाया गया है, उन्हें ही नहीं पता था कि वे जांच कमेटी के सदस्य है। इस पर अजय जैन ने पालिका प्रशासन की कार्यप्रणाली की निंदा की। उन्होंने जब इतनी बड़ी गड़बड़ी होने पर सवाल उठाया तो सीएमओ सूरज सिदार और लोक निर्माण विभाग के सभापति शत्रुहन धृतलहरे निरूत्तर हो गए।

छह शौचालयों के रख-रखाव के लिए हर महीने 1 लाख 81 हजार खर्च, फिर भी हालात बदतर

अजय जैन, चंद्रशेखर यादव ने सदन में कहा कि शहर के शौचालयों की स्थिति बहुत ही खराब है। करीब 18 शौचालय हैं। इनमें 6 शौचालय के लिए स्वच्छता श्रृंगार योजना के तहत हर महीने 1 लाख 81 हजार आते हैं। आखिर यह पैसा कहां खर्च हो रहा है।

बजट पर चर्चा करनी चाहिए, पर एजेंडा से बाहर बात होती रही-पुरूषोत्तम वर्मा

कांग्रेस पार्षद पुरूषोत्तम वर्मा ने कहा कि बजट सत्र में भाजपा पार्षद एजेंडा से बाहर बात करते रहे। बजट में विकास के कामों पर बात होनी चाहिए थी। आय-व्यय समेत बजट के विभिन्न आयामों पर गंभीर चर्चा होनी चाहिए। शहर में विकास कार्यों में तीव्रता और गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। जनप्रतिनिधि होने की वजह से हमें जनता के बीच जाना होता है। आम जनता को जवाब हमें देना होता है।

काम में गुणवत्ता की कमी है, तो उसी समय आपत्ति करें भाजपा पार्षद

भाजपा पार्षदों ने जब गुणवत्ताहीन निर्माणकार्य होने का मुद्दा उठाया तो नगर पालिका उपाध्यक्ष रज्जाक खान ने कहा कि नगर में यदि कहीं भी निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से समझौता किया जा रहा है तो उसी समय भाजपा पार्षद आपत्ति व्यक्त करें ताकि संबंधित निर्माण एजेंसी पर तत्काल कार्रवाई हो सके। इस पर भाजपा पार्षद मौन हो गए, तब सांसद प्रतिनिधि राकेश गुप्ता ने कहा कि मैंने कई बार मौखिक शिकायत की लेकिन पालिका प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की।

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