केंद्रीय जेल में 3 बंदियों के मौत, कलेक्टर ने दिए जांच के आदेश

केंद्रीय जेल में 3 बंदियों के मौत
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अंबिकापुर। केंद्रीय जेल में 5 दिन के भीतर 3 बंदियों की मौत के बाद जेल प्रशासन सवालों के घेरे में है। मौत की वजह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाई है। इसी बीच कलेक्टर संजीव ने मामले में दांडिक जांच के आदेश जारी किए हैं। कलेक्टर ने डिप्टी कलेक्टर सीएस पैंकरा का जांच अधिकारी बनाया है।

बता दें कि 13 से 18 मई के बीच 3 बंदियों की मौत इलाज के दौरान अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में हो गई। जेल अधीक्षक के अनुसार सभी अलग-अलग बीमारी से पीडि़त थे। वहीं देखा जाए तो हर दिन केन्द्रीय जेल से बंदी को इलाज के मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया जा रहा है। अस्पताल का जेल वार्ड बंदी मरीजों से भरा पड़ा है.

वहीं तेज धूप व उमस भरी गर्मी के बीच क्षमता से अधिक बंदी केन्द्रीय जेल में हैं। मिली जानकारी अनुसार केन्द्रीय जेल अंबिकापुर में बंदियों की रखने की क्षमता मात्र 1020 है जबकि 2400 से ज्यादा बंदी केन्द्रीय जेल (Central Jail) में बंद हंै। इतने बंदियों के बीच मात्र एक महिला डॉक्टर है। यहां पुरूष डॉक्टर की भी नियुक्ति नहीं की गई है। इसका भी खामियाजा बंदियों को भुगतना पड़ता है।

इन 3 बंदियों की हुई मौत

  1. शीबू बर्मन पिता सुखलाल बर्मन उम्र 25 वर्ष अंबिकापुर गांधीनगर थाना क्षेत्र के काली घाट स्थित अजिरमा का रहने वाला था। वह मारपीट व छेड़छाड़ के मामले में केन्द्रीय जेल अंबिकापुर में बंद था। 11 मई को अचानक इसकी तबियत ज्यादा बिगड़ गई। मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती इलाज के दौरान 13 मई की सुबह उसकी मौत हो गई।
  2. सरगुजा जिले के बतौली चर्चपारा निवासी 31 वर्षीय प्रकाश मिंज पिता विराज मिंज को हत्या के मामले में वर्ष 2014 में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। तब से वह केन्द्रीय जेल अंबिकापुर में सजा काट रहा था। 5 मई को उसे बुखार व चक्कर आने की शिकायत पर जेल प्रशासन द्वारा उसे इलाज के लिए अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहां इलाज के दौरान 14 मई की देर रात उसकी मौत हो गई।
  3. बखरू राम पिता जयराम उम्र 40 वर्ष बलरामपुर जिले के कुसमी थाना क्षेत्र के ग्राम सुरबेना का रहने वाला था। हत्या के मामले में वर्ष 2014 में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। तब से वह केन्द्रीय जेल अंबिकापुर में बंद था। 10 मई को उसे बुखार व चक्कर आने की शिकायत पर जेल प्रशासन द्वारा उसे इलाज के लिए अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहां इलाज के दौरान 18 मई की सुबह मौत हो गई।

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