देश में ‘ब्लैक फंगस’ का बढ़ता खतरा, एम्स ने जारी की नई गाइडलाइन

सीजी क्रांति/नईदिल्ली. देशभर में कोरोना के प्रकोप से जूझ रहे लोगों को अब आँख की बीमारी ब्लैक फंगस यानी म्यूकाॅरमाइकोसिस का भी खतरा बढ़ गया है. दिल्ली के सर गंगाराम हाॅस्पिटल में ब्लैक फंगस का पहला मामला सामने के बाद अब महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, गुजरात, केरल, ओडिसा, तेलंगाना समेत दूसरे राज्यों में भी ब्लैक फंगस के मामले तेजी से बढ़ रहे है. महाराष्ट्र में इस बीमारी से अब तक 90 लोगों जान चुकी है वहीं राजस्थान में भी बड़ी संख्या में ब्लैक फंगस के नये मरीज सामने आ रहे है.

क्या होता है ब्लैक फंगस ?

ब्लैक फंगस यानि म्यूकोरमायकोसिस आंख की बीमारी है, लेकिन ये आंख के साथ ही शरीर के कई अंगों को तेजी से नुकसान पहुंच सकता है. यह इंफेक्शन इतना खतरनाक है कि इसकी चपेट में आने से आंख की रोशनी जा सकती है, आंखें निकालनी भी पड़ सकती है यहां तक जान भी जा सकती है. आपको बता दें कि कोरोना संक्रमित मरीजों के साथ ही ठीक हो चुके लोगों में ब्लैक फंगस इंफेक्शन के मामले लगातार सामने आ रहे है. स्टेराॅयड का अधिक सेवन करने वाले और पुरानी बीमारी से ग्रसित लोगों में ब्लैक फंगस होने का खतरा ज्यादा होता है.

ब्लैक फंगस के लक्षण, बचाव और ईलाज के लिये एम्स ने जारी की गाइडलाइन

देश में कोरोना महामारी के बीच ब्लैक फंगस इंफेक्शन के संकट से निपटने के लिये अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान (एम्स) ने इसके लक्षण, बचाव और ईलाज के लिये नई गाइडलाइन जारी की है. एम्स ने बताया कि किसी पुरानी बीमारी से ग्रसित और कैंसर रोगियों में ब्लैक फंगस इंफेक्शन खतरा ज्यादा है, साथ ही अधिक मात्रा में स्टेराॅयड सेवन करने करने वाले भी इसके चपेट में आ सकते है.

ब्लैक फंगस के लक्षण

  1. नाक से खून बहनाए नाक में पपड़ी का जमना और नाक से काले रंग जैसा कुछ निकलना
  2. नाक बंद होना, आंखों के पास सूजन, धुंधला दिखना, आंख और सिरदर्द, कम दिखाई पड़ना, आंख खोलने में परेशानी, आंखों का लाल होना
  3. चेहरे में झुनझुनी जैसा महसूस होना या चेहरे का सुन्न होना
  4. ब्लैक फंगस से आप संक्रमित हैं या नहीं इसके लिए प्रतिदिन खुद को चेक करें और अच्छी रोशनी में करें ताकि अगर पता चल सके कि आप सक्रमित हैं या नहीं
  5. दांत का गिरना या मुंह के अंदर सूजना होना-

ब्लैक फंगस से किसे सबसे ज्यादा खतरा

  1. जिन मरीजों का डायबिटीज लेवल कंट्रोल में नहीं हैए या फिर उन्हें स्टेरॉयड या टोकिलीजुमैब दवाई का सेवन किया है उसे इसका सबसे ज्यादा खतरा है.
  2. किसी पुरानी बिमारी से ग्रसित या फिर कैंसर के मरीजों को इसका खतरा है.
  3. स्टेरॉयड अधिक मात्रा में ले रहे मरीज को इससे खतरा है.
  4. कोरोना संक्रमितों या फिर जो वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं उन्हें खतरा है.

ब्लैक फंगस से बचाव

  1. ब्लैक फंगस से संक्रमित अगर कोई होता है तो इसे उसे ENT डॉक्टर से संपर्क फौरन करना चाहिए फिर किसी अच्छे डॉक्टर से संपर्क करें.
  2. अपने शुगर लेवल को रेगुलर मॉनिटर करें.
  3. किसी अन्य बिमारी से ग्रसित हैं तो उसकी नियमित दवा लेते रहें.
  4. स्टेरॉयड का सेवन खुद से न करेंए डॉक्टर से सलाह जरूर लें.
  5. डॉक्टर से सलाह लेकर MRI और CT SCAN करवाएं.

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