चुनाव जीतने के बाद अनियमित कर्मचारियों से किये वादे भूली भूपेश सरकार ? नये आदेश के बाद मची है खलबली, सरकार के प्रति बढ़ रहा आक्रोश !

अनियमित कर्मचारियों से किये वादे भूली भूपेश सरकार

सीजी क्रांति/रायपुर. साल 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने अपने घोषणा पत्र में सरकार बनने पर अनियमित कर्मचारियों के नियमितीकरण का वादा किया है. इस दौरान घोषणा पत्र समिति के अध्यक्ष व विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव ने अनियमित कर्मचारियों की मांग को घोषणा पत्र में शामिल करते हुए उन्हें नियमित करने का भरोसा दिलाया था. लेकिन छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बनने के ढाई साल बाद भी नियमितीकरण का वादा अब तक अधूरा है.

बरसों से अपने नियमितीकरण की मांग कर रहे दैनिक वेतन भोगी, कलेक्टर दर,संविदा, मानदेय, प्लेसमेंट, अशंकालिक, जाबदर, ठेका कर्मचारियों में कांग्रेस सरकार के प्रति आक्रोश पनप रहा है. भूपेश सरकार के द्वारा अनियमित कर्मचारियों की जा रही उपेक्षा के चलते विभिन्न संगठन एक बार फिर सड़क पर उतरने मजबूर हो रहे हैं.

नियमितिकरण का वादा

CM भूपेश बघेल ने दिलाया था भरोसा, वो भी निकला झूठा ?

17 दिसम्बर 2018 को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद भूपेश बघेल ने कुछ घंटे के बाद ही किसानों की कर्ज माफी की घोषणा की थी. मुख्यमंत्री की इस घोषणा के बाद अनियमित कर्मचारियों में भी अपनी मांग पूरी होने की आस जगी थी. 14 फरवरी 2019 को कर्मचारी संघ के रायपुर के गांधी मैदान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने भूपेश बघेल ने साल 2020 में अनियमित कर्मचारियों की मांगों को पूरा करने का एक बार फिर भरोसा दिलाया था जो आज तक पूरा नहीं हुआ है.

नये आदेश के बाद अनियमित कर्मचारियों में छाई निराशा

वन विभाग के दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री के जन चौपाल में नियमितीकरण और स्थाईकरण की मांग को लेकर आवेदन दिया था. जिसके बाद वन विभाग की ओर से अपर प्रधान मुख्य वन सरंक्षक, नवा रायपुर ने सामान्य प्रशासन विभाग के 5 मार्च 2008 को जारी निर्देश का हवाला देते हुये 1998 के बाद सभी दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को नियमितीकरण और स्थाईकरण के लिए अपात्र घोषित कर दिया है. इस आदेश के बाद अनियमित कर्मचारियों के सभी संगठन प्रदेश में बड़े आंदोलन की तैयारी में जुट गए हैं.

कर्मचारियों से धोखाधड़ी कर रही है भूपेश सरकार – विष्णुदेव साय

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने कांग्रेस के घोषणा पत्र को झूठ का पुलिंदा बताते हुए कहा है कि कांग्रेस ने अपने विधानसभा चुनाव के पहले अपने जन घोषणापत्र में दैनिक वेतन भोगी, संविदा, अनियमित कर्मचारियों से वादा किया था कि रिक्त पदों पर इनकी नियुक्ति की जाएगी और किसी भी हालत में इनकी छंटनी नहीं की जाएगी. चुनाव जीतने के बाद भूपेश सरकार घोषणा पत्र में किए वादे के उलट अब बहाने बनाकर कह रही है कि 1998 के बाद रखे गए दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी नियमितीकरण के पात्र नहीं होंगे. साय ने आरोप लगाया कि भूपेश सरकार अनियमित कर्मचारियों से धोखाधड़ी कर रही है.

नियमितिकरण का वादा पूरा किये बिना मंडल की नियुक्तियाँ कर्मचारियों के साथ विश्वासघात है – अमित जोगी

छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस के सुप्रीमो अमित जोगी ने अनियमित कर्मचारियों के नियमितिकरण पर भूपेश सरकार को घेरते हुए कहा है कि छत्तीसगढ़ की जनता ने भूपेश सरकार को निगम-मंडल में नियुक्ति करने नहीं बल्कि सरकार बनने के दस दिन के भीतर अनियमित कर्मचारियों को नियमित नियुक्ति देने के वादे पर ऐतिहासिक बहुमत दिया था.

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बिना नियमितिकरण का वादा पूरा किए निगम-मंडल की नियुक्तियाँ आम जनता के साथ विश्वासघात है. अगर वास्तव में नवनियुक्त सत्ता-सेवक नहीं बल्कि जनसेवक हैं तो वे आनियमित कर्मचारियों की नियमित नियुक्ति के बाद ही अपने पदों पर बैठेंगे.

नियमितिकरण का वादा
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भूपेश सरकार के खिलाफ बड़े आंदोलन की तैयारी, सभी संगठन हो रहे एकजुट

भूपेश सरकार से नाराज चल रहे प्रदेश के अनियमित कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर बड़े आंदोलन की तैयारी में है. विभिन्न संगठन आंदोलन की रूपरेखा को अंतिम रूप में देने जुटे हुये है. छत्तीसगढ़ संयुक्त प्रगतिशील अनियमित कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष रवि गढ़पायले बताया कि प्रदेश के हजारों अनियमित कर्मचारी बीते कई वर्शो से नियमतिकरण व अन्य मांगों के लिये संघर्ष कर रहे है. लेकिन पूवर्वती रमन सरकार से लेकर वर्तमान भूपेश सरकार ने इस दिशा में कोई सार्थक पहल नहीं की है.

कांग्रेस सरकार ने 2018 के विधानसभा चुनाव में अपने जन घोषणा पत्र में 10 दिन के भीतर नियमितिकरण करने का वादा किया था लेकिन ढाई साल बीतने के बाद भी हमारी मांगों को पूरा नहीं किया गया है. सरकार से अपनी मांगों को मनवाने संघ ने 7 चरणों में आंदोलन की शुरूआत किया है जिसमें 11 जुलाई को छत्तीसगढ़ के सभी जिला मुख्यालय में मशाल यात्रा निकाली गई थी. 8 अगस्त 14 अगस्त तक अगस्त क्रांति मनाने का निर्णय लिया गया है. इस बीच अनियमित कर्मचारी मौन व्रत के साथ काली पट्टी लगाकर कार्यालय में काम करेंगे. आंदोलन के अगले चरण में 19 सितंबर को कांग्रेस के समस्त जिलाध्यक्षों को ज्ञापन सौंपा जायेगा.

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2 अक्टूबर गांधी जयंती के दिन बड़ी संख्या में अनियमित कर्मचारी राजीव भवन का घेराव करने पहुंचेंगे जहां कांग्रेस विधायकों से 1 नवंबर को राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर नियमतिकरण व दूसरी मांगों को पूरा करने निवेदन किया जायेगा. इसके बाद भी मांगों को पूरा नहीं किया जाता है तो 30 जनवरी महात्मा गांधी के शहादात दिवस के दिन छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा, सूरजपुर और राजनांदगांव से राजधानी रायपुर तक पदयात्रा निकाली जायेगी जो 14 फरवरी 2022 को समाप्त होगी.

सामान्य प्रशासन विभाग का आदेश ठेंगे पर, छत्तीसगढ़ के हजारों दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों का भविष्य अधर में…

छत्तीसगढ़ दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी संघ के प्रदेश महामंत्री रामकुमार साहू ने बताया कि एक तरफ वन विभाग द्वारा सामान्य प्रशासन विभाग के 5 मार्च 2008 को जारी आदेश के आधार पर वन विभाग के दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को नियमितीकरण के लिए अपात्र कर दिया दिया है लेकिन उसी आदेश के दूसरे नियमों को ठेंगा दिखाते हुए 13 साल के भीतर वन विभाग ने हजारों की संख्या में दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को काम पर रख दिया है. अब जब कर्मचारी नियमित करने की मांग कर रहे हैं तो शासन-प्रशासन 5 मार्च 2008 के आदेश का रोना रोकर अपना पल्ला झाड़ रहे है.

छत्तीसगढ़ दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी संघ

अनियमित कर्मचारियों पर लाठीचार्ज रमन सिंह को पड़ा था महँगा, सत्ता से धोना पड़ा हाथ ?

पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल में 24 जुलाई साल 2018 को नियमितिकरण की मांग को लेकर CM हाउस का घेराव करने जा रहे अनियमित कर्मचारियों पर पुलिस ने जमकर लाठीचार्ज किया था. इससे पहले भी पूर्ववर्ती रमन सरकार के कार्यकाल में विभिन्न संगठनों के आंदोलन को इसी तरह दबा दिया गया था. अनियमित कर्मचारियों के आवाज़ को दबाने और उनकी बरसों से लंबित मांगों की उपेक्षा, 2018 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी की करारी हार का प्रमुख कारण बना था.

अजित जोगी ने किया था समर्थन

अनियमित कर्मचारियों पर लाठीचार्ज की इस घटना का सभी संगठनों ने निंदा की थी. पूर्व मुख्यमंत्री जनता कांग्रेस के सुप्रीमो के अजित जोगी ने भी अनियमित कर्मचारियों के मांग का समर्थन किया था औऱ राजधानी रायपुर के इस घटना की उच्च स्तरीय जांच की मांग की थी.

आगनबाडी कार्यकर्ता
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नियमितिकरण की मांग को लेकर नए सिरे से बनाई जा रही है रणनीति

दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी संघ जुझारू आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कल्याण संघ, पं. सुंदरलाल शर्मा मुक्त वि.वि. बिलासपुर कर्मचारी संघ, छत्तीसगढ़ नवीन व्यावसायिक प्रशिक्षक कल्याण संघ,स्वच्छ भारत मिषन ग्रामीण कर्मचारी कल्याण संघ, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल कर्मचारी कल्याण संघ छत्तीसगढ़ संविदा प्रशिक्षण अधिकारी कल्याण संघ, आत्मा (कृषि)कर्मचारी संघ, छत्तीसगढ़ राज्य समर्थन मूल्य धान खरीदी कम्प्यूटर आपरेटर संघ, छत्तीसगढ़ कम्प्यूटर शिक्षक संघ, एकीकृत बाल संरक्षण योजना संविदा कर्मचारी संघ, छत्तीसगढ़ मनरेगा कर्मचारी महासंघ, छत्तीसगढ़ उद्यानिकी अनियमित कर्मचारी संघ, छत्तीसगढ़ शा.औ.प्र.संस्था मेहमान प्रवक्ता कल्याण संघ, छत्तीसगढ़ एकलव्य विद्यालय अतिथि शिक्षक संघ, छत्तीसगढ़ प्लेसमेंट कर्मचारी कल्याण संघ और दूसरे संगठन लगातार बैठकों का आयोजन कर नये सिरे से रणनीति बनाने जुट गए है.

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