कलेक्टर गोपाल वर्मा हुए नाराज, बाजार अतारिया, चंदैनी स्कूल के प्राचार्य को नोटिस जारी


सीजी क्रांति न्यूज/खैरागढ़। बाजार अतारिया व चंदैनी के स्कूल में अव्यवस्था व अनुशासनहीनता से नाराज कलेक्टर गोपाल वर्मा के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में पदस्थ विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी डॉ. केवी राव ने तत्काल दो प्राचार्यों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

इसके साथ तीन दिवस के भीतर जिला शिक्षा कार्यालय में उपस्थित होकर जवाब-तलब हेतु आदेशित किया है। इसमे हाईस्कूल चंदैनी के प्राचार्य सन्तराम जंघेल और हायर सेकेंडरी स्कूल अतरिया बाजार के प्राचार्य रामकुमार बख्शी को कर्तव्य के प्रति लापरवाही और आदेश के अवहेलना पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

खैरागढ़-छुईखदान-गंडई के कलेक्टर गोपाल वर्मा ने जिले की शिक्षा व्यवस्था को परखने और कसावट लाने के उद्देश्य से हाईस्कूल चंदैनी और हायर सेकेंडरी स्कूल अतरिया बाजार का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कलेक्टर ने पूछे जाने पर विद्यार्थियों ने पढ़ाई और करियर लक्ष्य के बारे में जानकारी दी।

कलेक्टर गोपाल वर्मा ने नये शिक्षण सत्र में शालाओं के निरीक्षण के दौरान अव्यवस्था व अनुशासनहीनता पर संस्था प्रमुखों और स्टॉफ को फटकार लगाते हुए निर्देश दिया है कि स्कूलों में प्राचार्य और स्टॉफ मिलकर व्यवस्था सुधारें, नही तो कार्यवाही तय है। बुधवार को कलेक्टर ने जिले के दो शालाओं हाईस्कूल चंदैनी और हायर सेकेंडरी स्कूल अतरिया बाजार का निरीक्षण किया।

इस दौरान उच्च कार्यालय के निर्देशों की अवहेलना, अनुशासनहीनता, शालाओं में अस्वच्छता, जाति प्रमाण पत्र बनाने में अरुचि, समन्वय की कमी एवं अव्यवस्था पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए इसे तत्काल ठीक करने के निर्देश दिए है। इस दौरान पूर्व माध्यमिक शाला अतरिया बाजार में शाला मरम्मत कार्यों का निरीक्षण किया और 15 जुलाई तक कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। आगे कहा कि सभी स्कूलों में मरम्मत तथा अतिरिक्त कक्ष निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण करें।

शालाओं के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर गोपाल वर्मा ने पूर्व माध्यमिक शाला अतरिया बाजार के विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि सफलता के लिए मन लगाकर नियमित अभ्यास जरूरी है। वे कक्षा आठवीं के विद्यार्थियों से उनके क्लासरूम में जाकर बातचीत की और पढ़ाई और उनके करियर के बारे में जानकारी ली।

कुमारी रोशनी ने बताया कि वह एक पुलिस अधिकारी बनना चाहती है, क्योकि ईमानदारी से काम करना अच्छा लगता है। अन्य बच्चों ने डॉक्टर, शिक्षक आदि को अपना करियर लक्ष्य बताया। बहुत से बच्चें कोई जवाब नही दे पाए। तब कलेक्टर ने शिक्षकों को निर्देशित किया कि पढ़ाई के साथ उन्हें करियर और रोजगार के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करें। लक्ष्य निर्धारित होने से उस दिशा में तेजी से आगे बढ़ पाएंगे। कक्षा सातवीं में गणित शिक्षक को निर्दश दिया कि विद्याथियों को केवल उत्तर के साथ प्रक्रिया को भली प्रकार समझाएं।

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