KCG : जिले में ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान, किसान 72 घंटे के भीतर बीमा कंपनी दें सूचना, संतोष पांडेय ने लिया जायजा

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सीजी क्रांति न्यूज/ खैरागढ़। जिले में चल रही तेज हवा, ओले, बारिश ने खेतो में चना, गेंहू, धनिया, सरसो, मैथी की खड़ी कटी फसलो को काफी नुकसान पहुंचाया है। जिससे किसानो के सपने चूर चूर हो गए हैं। सोमवार से मौसम का मिजाज बदला हुआ है। तेज हवा के साथ बारिश हो रही है। खैरागढ़-छुईखदान-गंडई समेत साल्हेवारा क्षेत्र में सोमवार को हुई तेज बारिश और उसके बाद से रूक-रूक हो रही बारिश और तेज हवालों ने फसलों को काफी नुकसान पहुंचाया है। प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान की भरपाई के लिए अब क्षेत्र के किसान बीमा क्लेम व मुआवजे की मांग करने लगे हैं।

कृषि विभाग के उप संचालक राजकुमार सोलंकी ने बताया बताया कि बीमित किसानों को क्षतिपूर्ति प्रदान करने का प्रावधान है। बीमा योजना के तहत, यदि अधिसूचित इकाई में 25 प्रतिशत से अधिक क्षेत्रफल में फसलों का नुकसान होता है, तो सभी बीमित किसानों को क्षतिपूर्ति का भुगतान किया जाएगा। यदि नुकसान 25 प्रतिशत से कम है, तो क्षति का आकलन करके किसानों को क्षतिपूर्ति प्रदान की जाएगी। किसानों को अपनी फसल में हुए नुकसान की सूचना 72 घंटे के भीतर बीमा कंपनी को टोल फ्री नंबर 1800-419-0344 पर या 14447 पर कॉल करके या लिखित रूप से स्थानीय राजस्व या कृषि अधिकारियों या संबंधित बैंक से देनी होगी।

इधर छुईखदान ब्लॉक के विभिन्न गांवों में भारी ओलावृष्टि से हुए रवि फसल को नुकसान को लेकर सांसद संतोष पांडे ने कलेक्टर चंद्रकांत वर्मा को नुकसान के अवलोकन साथ ही प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी कर किसानों को राहत देने की बात कही हैं। सांसद संतोष पांडे ने स्वयं ओला प्रभावित क्षेत्र में जाकर हुए नुकसान का अवलोकन किया। क्षेत्र के ग्रामीण प्रतिनिधियों से चर्चा कर नुकसान की जानकारी ली।

सोमवार को जिले के खैरागढ़ व छुईखदान ब्लाक के प्रमुख ग्रामों बाज़ार अतरिया, जालबांधा से लगे ग्रामों सहित छुईखदान ब्लॉक के गंडई क्षेत्र के धोधा, संडी, रैमडवा, कालेगोंदी, बिरणपुर, जंगल विचारपुर, ज़ोम, भरदागोंड़ सहित क्षेत्र ग्रामों में ओलावृष्टि हुई है। जिसकी वजह से रवि फ़सल गेंहू,चने की फसल को नुकसान हुआ है। सांसद ने परंपरागत फसलों के अलावा कपास, सोयाबीन व सब्जियों की फसल को भी पहुंचे नुकसान का आंकलन कर राहत देने के निर्देश दिए हैं। क्योंकि क्षेत्र में परंपरागत खेती के साथ बड़ी संख्या में कपास की खेती भी होती है। 

जिले में असामयिक वर्षा और ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान की सूचना दे 72 घंटे पूर्व


2 दिनों से असामयिक वर्षा और ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान हुआ है। 17 और 18 मार्च को हुई भारी बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं व चना सहित रबी फसलों को भारी क्षति पहुंची है। कृषि विभाग के उप संचालक राजकुमार सोलंकी ने बताया कि जिला प्रशासन के अनुसार, जिले के गंडई और खैरागढ़ तहसील में सबसे अधिक नुकसान हुआ है। इन क्षेत्रों में 4.7 मिमी और 0.5 मिमी तक बारिश दर्ज की गई है।

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