सीजी क्रांति न्यूज | खैरागढ़
खैरागढ़ में आगामी दिसंबर में प्रस्तावित नगर पालिका चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस दोनों ही दलों ने अंदरखाने तैयारियां शुरू कर दी हैं। वार्ड स्तर पर संभावित प्रत्याशियों की तलाश के साथ-साथ इस बार सबसे ज्यादा चर्चा पालिका अध्यक्ष पद को लेकर हो रही है, जो प्रत्यक्ष प्रणाली से चुना जाएगा।
इस बार अध्यक्ष पद सामान्य महिला वर्ग के लिए आरक्षित होने के कारण राजनीतिक समीकरण बदलते नजर आ रहे हैं। पुरुष नेताओं की सक्रियता अपेक्षाकृत कम दिख रही है, जबकि महिला चेहरों की तलाश तेज हो गई है।
भाजपा में कई नामों पर चर्चा
भाजपा खेमे में मौजूदा नगर पालिका अध्यक्ष गिरिजा चंद्राकर का नाम स्वाभाविक दावेदार के रूप में सामने आ रहा है। हालांकि उनकी कार्यशैली को लेकर पार्टी और आम जनता के बीच अच्छी प्रतिक्रियाएं कम देखने को मिल रही हैं। अपनी स्वतंत्र पहचान और लोकप्रियता साबित करने में वे कमतर साबित हो रही हैं। दुकान नीलामी में भ्रष्टाचार समेत पालिका में होने वाले कार्यों में हो रहे अनियमितता से उनकी छवि पर नकरात्मक असर देखा जा रहा है।
इसके अलावा पूर्व महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष नीलिमा गोस्वामी भी अध्यक्ष पद की दौड़ में बताई जा रही हैं। पार्टी के भीतर अन्य संभावित नामों में पूर्व पार्षद विकेश गुप्ता की पत्नी (वर्तमान पार्षद), सांसद प्रतिनिधि भागवत शरण सिंह और भाजयुमो जिलाध्यक्ष आयश सिंह बोनी की पत्नियों के नाम भी चर्चा में हैं। वहीं, पार्षद चंद्रशेखर यादव भी अपनी पत्नी एवं पूर्व पार्षद प्रीति यादव के लिए सक्रिय रूप से समर्थन जुटाने में लगे हुए हैं।
कांग्रेस में स्थिति अधिक जटिल
कांग्रेस में अध्यक्ष पद के लिए स्थिति अपेक्षाकृत अधिक उलझी हुई नजर आ रही है। पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष मीरा गुलाब चोपड़ा का नाम है। इसके अलावा शहर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष अरुण भारद्वाज की बहू और सुमन दयाराम पटेल भी संभावित दावेदारों में शामिल हैं। विधायक यशोदा वर्मा की तरह से शहर में मनराखन देवांगन व उनके समर्थक सक्रिय हैं। वहीं पूर्व संगठन पदाधिकारी व उनके समर्थक नवाज खान के करीब चले गए हैं।
गुटबाजी और नेतृत्व की भूमिका अहम
दोनों दलों में प्रत्याशी चयन को लेकर गुटीय समीकरण भी प्रभावी रहेंगे। भाजपा में जिला पंचायत उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह की पसंद को अहम माना जा रहा है, जबकि उनसे अलग अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने में लगे भागवत शरण सिंह भी अपने समर्थकों के लिए जोर लगा सकते हैं।
कांग्रेस में विधायक यशोदा नीलांबर वर्मा और वरिष्ठ नेता नवाज खान अपने-अपने समर्थकों को टिकट दिलाने के प्रयास करेंगे, जिससे गुटबाजी और बढ़ने की संभावना है।
आगे और नाम आने की संभावना
चुनाव में अभी समय होने के कारण आने वाले महीनों में नए चेहरों के सामने आने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। फिलहाल, दोनों दलों में रणनीति, समीकरण और चेहरे तय करने को लेकर मंथन का दौर जारी है।
