सीजी क्रांति/खैरागढ़। पर्यटन को बढ़ावा देने के नाम पर छुईखदान के छिंदारी बांध के तट पर बनाए गए ‘छिंदारी के परिंदे’ इको टूरिज्म केंद्र अब भ्रष्टाचार के आरोपों से घिर गया है। 41 लाख रुपये की स्वीकृत राशि में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए कांग्रेस की मिशन संडे टीम ने विधायक यशोदा वर्मा के नेतृत्व में कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। टीम ने चेतावनी दी कि अगर शीघ्र जांच नहीं हुई, तो जन आंदोलन होगा।
ज्ञापन में बताया गया कि इस राशि से छिंदारी जलाशय के पास बेंच निर्माणए शौचालय, पानी टंकीए बोर,सोलर लाइटिंग जैसे कार्य किए जाने थे लेकिन 25 मई को मौके पर किए गए निरीक्षण में पाया गया कि स्थल पर लगभग 10 से 12 लाख रुपये के कार्य ही दिखाई दे रहे हैं जबकि शेष राशि का कोई ठोस उपयोग नजर नहीं आया।
कांग्रेस की मिशन संडे टीम ने आरोप लगाया कि निरीक्षण को एक माह बीत चुका है फिर भी वन विभाग ने इस मामले में न तो जांच शुरू की और न ही किसी अधिकारी पर कोई कार्रवाई की गई। यह दर्शाता है कि भ्रष्टाचार को संरक्षण मिल रहा है। ज्ञापन सौंपने पहुंचे प्रतिनिधियों ने कहा कि यदि इस मामले की तत्काल जांच नहीं की गईए तो यह पर्यटन के नाम पर घोटालों का रास्ता खोल देगा।
विधायक प्रतिनिधि मनराखन देवांगन ने कहा जनता के पैसे का हिसाब देना जरूरी है। अगर अब चुप रहे तो आने वाले समय में पर्यटन विकास की योजनाएं भ्रष्टाचार का अड्डा बन जाएंगी। ज्ञापन सौंपने वालों में मनराखन देवांगनए दीपक देवांगनए रविंद्र सिंहए नरेश सिन्हाए हरिदर्शन धीमरए भूपेंद्र वर्मा और शेखर दास वैष्णव शामिल रहे। स्थानीय लोगों ने भी इस मामले को गंभीरता से लेते हुये प्रशासन से शीघ्र जांच कर दोषियों को दंडित करने की मांग की है वहीं चेतावनी दी गई है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो जन आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा।