नारद स्टिंग मामले में चारों TMC नेताओं को राहत, सीबीआई कोर्ट ने दी जमानत

कोलकाता. नारद स्टिंग मामले में सोमवार सुबह तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के गिरफ्तार चारों नेताओं को सीबीआई की विशेष अदालत आज शाम को जमानत दे दी. सोमवार सुबह सीबीआई की टीम ने मंत्री सुब्रत मुखर्जी, फिरहाद हकीम, विधायक मदन मित्रा व पूर्व मंत्री तथा कोलकाता के पूर्व मेयर शोभन चटर्जी के घर पहुंचकर इन चारों नेताओ को गिरफ्तार कर लिया था.

ममता सरकार के दो मंत्री, एक विधायक समेत चार नेताओं की गिरफ्तारी से नाराज तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के कार्यकर्ताओं ने सीबीआई दफ्तर के सामने जमकर विरोध प्रदर्शन किया. इस दौरान गुस्साये लोगों ने पत्थरबाजी भी शुरू कर दी जिसके बाद सुरक्षा बलों ने लाठीचार्ज कर लोगों को खदेड़ा. टीएमसी नेताओं की गिरफ्तारी के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सीबीआई दफ्तर पहुंचकर गिरफ़्तारी को लेकर नाराजगी जताते रही.

आखिर क्या है नारदा स्टिंग टेप केस

नारदा स्टिंग टेप का मामला साल 2016 में पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले सावर्जनिक किया गया था. इसे साल 2014 में रिकार्ड किये जाने का दावा किया गया था और इसमें टीएमसी के मंत्री, सांसद और विधायक की तरह दिखने वाले व्यक्तियों  को कथित रूप से एक काल्पनिक कंपनी के प्रतिनिधियों से मोटी रकम लेते हुये दिखाया गया था. यह स्टिंग आपरेशन कथित तौर पर नारद न्यूज पोर्टल के मैथ्यू सैमुअल ने किया था. स्टिंग में सैमुएल एक कंपनी के प्रतिनिधि के तौर पर तृणमूल कांग्रेस के 7 सांसदों, 3 मंत्रियों और कोलकाता नगर निगम के मेयर शोभन चटर्जी को काम कराने के बदले में मोटी रकम देते नजर आ रहे थे.

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