खैरागढ़ राम मंदिर विवाद : पुलिस छावनी में तब्दील हुआ टिकरापारा का राम मंदिर, चार थानों की पुलिस ने संभाला मोर्चा

00 तथाकथित मंदिर ट्रस्ट के लोगों द्वारा मंदिर से साधुओं को भगाने के दौरान विवाद बढ़ा
00 स्थानीय निवासियों ने ट्रस्ट के लोगों का किया विरोध
00 प्रशासनिक अनदेखी से बढ़ रहा राम मंदिर का विवाद

00 विवाद के बाद ट्रस्ट के उपाध्यक्ष नवीन सिंह ने दिया इस्तीफा

सीजी क्रांति/खैरागढ़। नगर के टिकरापारा स्थित राम मंदिर बर्फानी आश्रम में दोपहर में उस समय माहौल गरमा गया जब तथाकथित मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कुछ लोगों ने राम मंदिर आकर वहां रह रहे साधुओं को आश्रम से बाहर निकालने लगे और राम मंदिर के बर्फानी दादा के कमरे में ताला लगा दिया गया।

विवाद की जानकारी होने पर सबसे पहले पुराना।टिकरापारा के स्थानीय निवासियों ने मंदिर पहुंचकर माहौल को शांत करने का प्रयास किया लेकिन मामला शांत नहीं हुआ। मंदिर में विवाद इतना बढ़ा कि दोपहर में टिकरापारा का राम मंदिर पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। करीब 4 घंटे तक खैरागढ़, छुईखदान, ठेलकाडीह, घुमका थाने से आयी बड़ी संख्या में पुलिस बल के जवान मंदिर परिसर में डटे रहे।

बर्फानी दादा के कमरे को बंद रखने का लिया गया फैसला

राम मंदिर के आधिपत्य को लेकर मचे घमासान के बीच बड़ी संख्या में टिकरापारा के स्थानीय निवासियों व प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में सर्वसम्मति से राम मंदिर के बर्फानी दादा के कमरे को बंद रखने का फैसला लिया गया है। आगामी प्रशासनिक आदेश तक बर्फानी दादा के कमरे को बंद रखने दोनों पक्षों ने सहमति दिया।

टिकरापारा के स्थानीय निवासियों ने लगाया उपेक्षा का आरोप

दशकों से टिकरापारा स्थित राम मंदिर में अपनी सेवा देते आये स्थानीय निवासियों ने मंदिर ट्रस्ट पर उपेक्षा का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया है कि राम मंदिर में हम सालों से अपनी नि:स्वार्थ सेवा देते आये है, मंदिर के सभी धार्मिक आयोजनों में मोहल्लेवासियों की सहभागिता रही है। इसके बावजूद मंदिर में रहने वाले लोगों द्वारा उनकी उपेक्षा की जाती है। यहां तक कि छोटे—छोटे बच्चों को मंदिर में खेलने तक नहीं दिया जाता, उन्हें मंदिर वाले भगा देते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि राम मंदिर जो कि पब्लिक प्रॉपर्टी है वो निजी न बनने पाए जैसा कि वर्तमान ट्रस्टी बना लिये है।

प्रशासनिक लापरवाही से बढ़ा राम मंदिर का विवाद, विधायक की शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं

आपको बता दें कि विधायक देवव्रत सिंह के द्वारा बीते दिनों कथित मंदिर ट्रस्ट को फर्जी बताते हुये, ट्रस्ट पर मंदिर का व्यावसायिक उपयोग करने, मंदिर में गैरकानूनी तरीके से कब्जा, आर्थिक अनियमितता, मंदिर परिसर में संदिग्ध क्रियाकलापों का संचालन समेत कई गंभीर आरोप लगाते हुये इसकी शिकायत कलेक्टर से की है। मिली जानकारी अनुसार कलेक्टर ने मंदिर ट्रस्ट पर लगे आरोपों की जांच के लिये खैरागढ़ के प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देशित किया है।

टिकरापारा के राम मंदिर का विवाद

इसके बावजूद भी प्रशासन ने राम मंदिर के संवेदनशील मामले को लेकर अब तक किसी प्रकार की कार्यवाही नहीं की है। ​विधायक जैसे जनप्रतिनिधि की शिकायत के बावजूद प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा धर्म और आस्था से जुड़े इस संवेदनशील मामले की जा रही अनदेखी के चलते राम मंदिर का विवाद दिनोंदिन बढ़ता ही जा रहा है।

ये रहें मौजूद

नायब तहसीलदार,लीलाधर कवर, घुमका टीआई शशिकांत कांत सिन्हा, छुईखदान एसआई विमल लवानिया, आरआई श्री टेकाम, मंदिर ट्रस्ट के राकेश बहादुर, नवीन सिंह, राजीव सिंह,प्रखर सिंह संजू सिंह,आलोक बिंदल, आसुतोष शरण सिंह, टिकरापारा के राजू यदु, आकाशदीप सिंह, शेष नारायन यादव, अरुण यदु, मोहन यदु, सोनू यदु, नरोत्तम यदु, मुकेश यदु, ओमकार सारथी, पवन यदु, संतोष यदु, रिंक्कू, छोटू, गजानन यदु, अजय यदु, सुरेश यादव, देवेन्द ठाकुर, मोंटू यदु, मनीष यादव, राजेश यादव, सोनू यादव, जानू तिवारी, किशन यदु, जुग्गा यदु, रवि यदु समेत बड़ी संख्या में पुलिस बल के जवान व वार्डवासी मौजूद रहे।

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