खैरागढ़ महोत्सव—2022…’आरंभ है प्रचंड बोले मस्तकों के झुंड’ गीत से लोगों की दिलों में राज करने वाले पीयूष मिश्रा 29 अप्रैल को देंगे प्रस्तुति!

Piyush Mishra Ballimaran Baind
Credit FB- Piyush Mishra Ballimaran Baind

सीजी क्रांति/खैरागढ़। खैरागढ़ महोत्सव में प्रस्तुति देने वाले देश के नामचीन कलाकारों की सूची में मुंबई के बल्लीमारान बैंड संचालक पीयूष मिश्रा का नाम भी शामिल है। पीयूष मिश्रा न सिर्फ फिल्मी दुनिया, बल्कि पूरे देश में परिचय के मोहताज नहीं है। पीयूष मिश्रा ने साल 2009 में आयी गुलाल फिल्म में अपनी आवाज और गायकी का जादू बिखेरा था। उनहोंने…’आरंभ है प्रचंड बोले मस्तकों का झुंड’ की गायकी से लोगों के दिल में खास जगह बनाए है।

एक फिल्म गीतकार और गायक के रूप पीयूष मिश्रा ब्लैक फ्राइडे (2004), गुलाल (2009) में “आरंभ है प्रचंड”,…गैंग्स ऑफ वासेपुर और में “इक बागल” और “अरे रुक जा रे बंदे” गाने के लिए जाने जाते है। इसके अलावा अपले बल्लीमारान बैंड के लिए फिल्मी दुनिया में खासा प्रचलित है। अब 29 अप्रैल को खैरागढ़ महोत्सव में अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे।

खैरागढ़ महोत्सव…दीक्षांत समारोह के बाद 27 अप्रैल को ही आगाज होगा महोत्सव

कोरोना काल के चलते बीते दो सालो से बाधित खैरागढ़ महोत्सव के आयोजन को लेकर इंदिरा कला संगीत विवि में जोर शोर से तैयारी चल रही है। बुधवार 27 से शनिवार 30 अप्रैल तक लगातार चार दिन तक आयोजित होने वाले दीक्षांत और महोत्सव में शामिल होने देश प्रदेश के मुर्धन्य कलाकारों से विवि प्रशासन की चर्चा बाद स्वीकृति मिल गई है। जिसके चलते संगीत विवि का परिसर अन्य दिनों की अपेक्षा संगीत की स्वर लहरियों से बेहतर तरीके से गूंजेगा।

शनिवार को कुलपति मोक्षदा चंद्राकर, कुलसचिव प्रो.इंद्रदेव तिवारी और महोत्सव संयोजक हिमांशु विश्वरूप ने प्रेस वार्ता में बताया कि खैरागढ़ महोत्सव के साथ सोलहवें दीक्षांत समारोह का शुभारंभ बुधवार 27 को कुलाधिपति अनुसूइया उइके के मुख्य आतिथ्य। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता और उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल और विधायक यशोदा नीलांबर वर्मा के आतिथ्य में होगा। जबकि विधानसभा अध्यक्ष चरणदास मंहत के मुख्य आतिथ्य, कुलपति ममता चंद्रकार की अध्यक्षता और संसदीय सचिव कुंवर सिंह निषाद, विधायक यशोदा नीलांबर वर्मा और नपा अध्यक्ष शैलेंद्र वर्मा के विशिष्ट आतिथ्य मे माहेत्सव का समापन समारोह शनिवार 30 को होगा।

दिलीप षड़ंगी के जस गीत से गूंजेगा संगीत विवि का परिसर

महोत्सव के दौरान चार दिनों तक संगीत नगरी संगीत की सुमधुर लहरियों से गुंजायमान रहेगी। बुधवार 28 को संगीत विवि के कैंपस—2 प्रेक्षागृह में दीक्षांत समारोह बाद महोत्सव का औपचारिक शुभारंभ किया जाएगा। पहले दिन भरतनाट्यम विभाग द्वारा राज्य गीत की प्रस्तुति दी जाएगी। जिसके बाद पद्श्री कविता कृष्णमूर्ति, डॉ.एल सुब्रमणियम का वायलिन वादन होगा। गुरूवार 28 को संगीत संकाय द्वारा राज्य गीत सहित वाद्व वृंद की प्रस्तुति दी जाएगी। तिरूवनंतपुरम केरल के कला मंडलम सोनी व समूह द्वारा मोहिनीअट्टम नृत्य की प्रस्तुति होगी। पद्मश्री उस्ताद वसीफुद्दीन डागर द्वारा धुपद गायन बाद प्रदेश के प्रसिद्व देवी जस गीत गायक दिलीप षड़ंगी की प्रस्तुति होगी।

जानिए कब कब किसकी प्रस्तुति

छाऊ और लावणी रहेगा आकर्षण का केंद्र

महोत्सव के तीसरे दिन शुक्रवार 29 को ओडिसी नृत्य विभाग द्वारा राज्य गीत की प्रस्तुति बाद किराना घराने के प्रसिद्ध गायक परितोष पोहनकर, पंउित ब्रजनारायण का सरोद वादन, रंगकर्मी पीयूष मिश्रा के बल्लीमारान बैंड की प्रस्तुति बाद आदिवासी लोककला के प्रतिनिधि कलाकार पद्मश्री मुकुंद नायक द्वारा आदिवासी लोक संगीत की प्रस्तुति दी जाएगी। अंतिम दिन राज्यगीत अरपा पैरी के धार और लोक में राम की प्रस्तुति संगीत विवि के लोक संगीत व कला संकाय द्वारा दी जाएगी। प्रसिद्ध शहनाई वादक योगेश कुमार शंकर, शास्त्रीय गायक कुमार गंधर्व की पुत्री कलापिनी कोमकली का शास्त्रीय गायन, पश्चिम बंगाल का प्रसिद्ध छाऊ नृत्य और महाराष्ट्र की लोककला लावणी नृत्य की प्रस्तुति होगी। महोत्सव में हर दिन पहला कार्यक्रम संगीत विवि के विभिन्न विभागों द्वारा तैयार कार्यक्रमों की प्रस्तुति होगी। वही देश—प्रदेश के विभिन्न विधाओं में पारंगत कलाकारों के साथ संगीत विवि के टीचर्स संगतकार होंगे ये पहला अवसर है।

कविता कृष्णमूर्ति साथ अन्य चार होंगे मानद डीलिट से सम्मानित

दीक्षांत समारोह में देश की प्रसिद्ध पाश्र्वगायिका पद्मश्री कविता कृष्णमूर्ति सुब्रमणियम, हिंदुस्तानी संगीत के शास्त्रीय गायक प्रो पंडित विद्याधर व्यास, कत्थक नृत्यांगना पद्मभूषण सुश्री उमा शर्मा, प्रसिद्ध रंगकर्मी देवेंद्र राज अंकुर और प्रदेश के सुप्रसिद्ध देवी जस गीत गाय दिलीप षडंगी को संगीत विवि मानद डी लिट की उपाधि से सम्मानित करेगा वही विभिन्न संकायो के पास आऊट पीजी के 494, यूजी के 261 स्टुडेंट्स को 39 स्वर्ण और 1 रजक पदक दिया जाएगा वही 40 पीएचडी और डीलिट के 4 नियमित शोधार्थियो को उपाधि प्रदान किया जाएगा।

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